संभल: जिले के नखासा थाना क्षेत्र में एक कथित लूट की सूचना ने पुलिस को अलर्ट कर दिया, लेकिन जांच में यह एक सुनियोजित साजिश निकली। मामला 14 मई की रात लगभग 10:10 बजे का है, जब PRV 1423 को सूचना मिली कि मण्डलाई गांव जाने वाले खड़ंजे पर एक व्यक्ति के साथ लूटपाट की गई है।
सूचना मिलने पर उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शिकायतकर्ता सलीम पुत्र माजिद निवासी मण्डलाई से पूछताछ की। सलीम ने बताया कि वह अपनी ससुराल फुलसिहां से लौटते समय चार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लूट का शिकार हुआ। उसके अनुसार, जेब से ₹49,000 नगद और उसकी पत्नी के कान के गहने (तीन जोड़ी बुंदे और एक जोड़ी झुमके) निकाल लिए गए। इसके साथ ही मारपीट भी की गई।
सलीम ने लूट में शामिल एक व्यक्ति की पहचान अपने साले के बड़े भाई आमिर निवासी फुलसिहां के रूप में की। लेकिन जब पुलिस ने गहन जांच की तो मामला कुछ और ही निकला।
एसआई जितेन्द्र कुमार ने जब फुलसिहां जाकर जानकारी जुटाई तो सामने आया कि सलीम के ससुर मुशर्रफ (जो राशन डीलर हैं) और आमिर के बीच पुराना आपसी विवाद था। इसी का बदला लेने के लिए ससुर और दामाद ने मिलकर यह फर्जी लूट की साजिश रची। हैरानी की बात यह है कि जो नकदी और गहने “लूटे गए” थे, वे मुशर्रफ के पास से बरामद हो गए।
थाना नखासा पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए साजिशकर्ता सलीम और उसके ससुर मुशर्रफ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और 13 जून 2025 को दोनों को जेल भेज दिया गया।

