संभल। संभल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति पर तेजाब फेंककर उसे स्थायी रूप से अंधा करने के मामले में दोषी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
दूसरे युवक से अवैध संबंधों के चलते पति पर तेजाब डालकर उसे जिंदा लाश बनाने वाली पत्नी को सजा सुनाने से पहले अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब दांपत्य जीवन और सामाजिक व्यवस्था पर कुठाराघात करने वाली यदि पत्नी ही हो तो उसे वैवाहिक जीवन की सत्यता, विश्वास और भरोसा न केवल पति के ही दिल को तोड़ती है बल्कि परिवार, समाज को हिला देती है। तो ऐसी स्थिति में कानून भी मूकदर्शक होकर नहीं बैठ सकता।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार यादव के अनुसार फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दिए गए अपने 60 पेज के आदेश में महिला कहकशां द्वारा पति पर तेजाब डालने के मामले में टिप्पणी की गई कि एक पत्नी द्वारा अपने द्वारा बनाए गए अवैध संबंधों को लेकर जब अभियुक्ता की अपने पति से कहासुनी हुई तब उसकी प्रतिक्रिया में उसने तेजाब पति पर डाल दिया, जिससे पति का जीवन न केवल संकटमय हो गया, बल्कि उसकी आंखों की ज्योति भी चली गई, चेहरा पूरी तरह विक्षत हो गया याती कि पूरे चेहरे की नाक-कान और मुंह और सिर पर इस कदर ज्वलनशील घाव हो गया कि उसका जिंदा रहना मृत्यु के समान हो गया है और यदि वह जिंदा भी है, तो न तो आंखों में उसकी रोशनी है, न चेहरे पर त्वचा और लालिमा है, न ही चेहरे की सुंदरता है। वह तो केवल और केवल जीवन की एक सांस मात्र है। जो उसे यकीन दिलाता है कि उसका जीवन अब उसका नहीं रहा, बल्कि किसी दूसरे पर आश्रित हो गया है। केवल और केवल एक ईश्वर को ही याद कर सकता है कि उसे मौत आ जाए तो ही उसे मुक्ति मिलेगी। तो ऐसी स्थिति में कानून भी मूकदर्शक होकर नहीं बैठ सकता।
वादिनी नाजुक ने 24 मार्च 2025 को एक प्रार्थनापत्र पुलिस अधीक्षक को दिया था। इसमें बताया कि उसके भाई मुजफ्फर अली काफी समय से अपना मकान बनाकर मोहल्ला बदायूं दरवाजा निकट बुलबुली वाली मस्जिद थाना संभल में रह रहे थे। जो इंवर्टर बैटरी का काम करता है। जिनके दो बच्चे हैं।
भाई की पत्नी कहकशां लड़ाई झगड़ा करती रहती थी और गलत प्रवृत्ति में पड़ गई थी। भाई की पत्नी तलाक मांगती थी। इसमें कहकशां के परिवार के लोग भी साथ देते थे। कहकशां के मायके वालों ने कई बार मुजफ्फर अली को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसी रंजिश के चलते छह मार्च 2025 को उन लोगों के कहने पर रात के खाने में मुजफ्फर अली को नशीला पदार्थ डाल कर खाना खिला दिया था। अगले दिन सात मार्च को सुबह छह बजे भाई की पत्नी अज्ञात व्यक्ति के साथ घर में थी। इसी दौरान भाई मुजफ्फर की आंख खुल गई। इससे अज्ञात व्यक्ति भाग गया। कहकशां ने घर में बाल्टी रखा तेजाब मुजफ्फर के चेहरे पर जान से मारने की नीयत से फेंक दिया। मुजफ्फर का चेहरा और शरीर झुलस गया। मुजफ्फर की दोनों आंखें चली गईं।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने महिला को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
इस फैसले को जिले के चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत का यह निर्णय तेजाब हमलों जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है।

