संभल: विकासखंड संभल के ग्राम हिसामपुर में ग्राम प्रधान मोहम्मद यूनुस के जाति प्रमाण पत्र को लेकर फैली अफवाहें अब साफ हो गई हैं। एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर में दावा किया गया था कि यूनुस ने फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा और जीता। हालांकि, द ऐस एक्सप्रेस के पत्रकार द्वारा ग्राम प्रधान से सीधी बातचीत और दस्तावेजों की जांच से स्पष्ट हुआ कि उनका प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध है।
ग्राम हिसामपुर की प्रधानी सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित थी। मोहम्मद यूनुस ने 1995 में जारी ‘झोजा’ जाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा और विजयी हुए। इस प्रमाण पत्र को लेकर उठे विवाद पर यूनुस ने खुद दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि यह पूरी तरह वैध है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले एक मुकदमा भी चला था, जिसमें कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच के बाद आदेश जारी किया गया था, जो उनके पास मौजूद है।
इसके अलावा, तहसीलदार संभल द्वारा 14 दिसंबर 2021 को जारी एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट रूप से पुष्टि की गई है कि ग्राम प्रधान यूनुस का ‘झोजा’ जाति का प्रमाण पत्र फर्जी नहीं है। द ऐस एक्सप्रेस के पत्रकार जब हिसामपुर पहुंचे और यूनुस से मिले, तो उन्होंने सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिसमें 1995 का मूल प्रमाण पत्र, कलेक्टर के आदेश और तहसीलदार की पुष्टि शामिल है।
यूनुस ने कहा, “यह प्रमाण पत्र मेरी जाति की सही पहचान है और मैंने इसे आधार बनाकर चुनाव लड़ा। फर्जी होने की खबरें निराधार हैं और इससे मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।” स्थानीय निवासियों ने भी ग्राम प्रधान के कार्यों की सराहना की और कहा कि विकास कार्यों में कोई कमी नहीं है।

