झोलाछाप डॉक्टर फिर सक्रिय: एक बच्चे की जान लेने के बाद अब दूसरे गांव में बच्चों के साथ खिलवाड़

हिसामपुर (संभल): ग्राम मोहम्मदपुर सोंधन (थाना कैलादेवी) में मात्र तीन वर्षीय मासूम बच्चे मोहित की झोलाछाप डॉक्टर अनिकेत की लापरवाही से मौत हो जाने के महज कुछ दिनों बाद, अब डॉक्टर अनिकेत ने ग्राम हिसामपुर (थाना नखसा) में नया क्लिनिक खोलकर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को मोहित पुत्र संजय (निवासी करणपुर) की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में 3 अप्रैल 2026 को मोहम्मदपुर सोंधन स्थित क्लिनिक को सील कर दिया गया था और डॉक्टर अनिकेत के खिलाफ थाना कैलादेवी में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।

लेकिन क्लिनिक सील होने के तुरंत बाद ही अनिकेत ने थाना नखसा क्षेत्र के ग्राम हिसामपुर में पुलिस चौकी के पास ही नया क्लिनिक शुरू कर दिया है। यहां फ्लेक्स पर “डॉ. कफील अहमद का कम्पाउंडर” लिखकर क्लिनिक चला रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि अनिकेत बिना किसी योग्यता या लाइसेंस के गंभीर मरीजों खासकर छोटे बच्चों का इलाज कर रहा है।

खतरनाक झोलाछाप डॉक्टर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अनिकेत बहुत खतरनाक व्यक्ति है। इसी अप्रैल महीने में उसकी लापरवाही से एक मासूम बच्चे की जान जा चुकी है, फिर भी वह बिना किसी रोक-टोक के दूसरी जगह क्लिनिक चला रहा है। ग्रामीणों में आक्रोश है कि जब तक इसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई नहीं होती, यह छोटे-छोटे बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करता रहेगा।

पहले भी शिकायतें, लेकिन कोई सख्ती नहीं
इससे पहले फरवरी 2026 में भी डॉक्टर अनिकेत के अवैध क्लिनिक के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय और कमिश्नर मुरादाबाद को शिकायत की गई थी। जांच में नोडल अधिकारी मनोज चौधरी ने दो बार रिपोर्ट दी कि क्लिनिक बंद है, लेकिन अगले ही दिन क्लिनिक फिर से शुरू हो जाता था।

अब हिसामपुर में नया क्लिनिक खुलने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि “एक बच्चे की मौत के बाद भी अगर यह व्यक्ति फिर से बच्चों का इलाज कर रहा है तो यह पूरे सिस्टम की नाकामी है।”

प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से अपील की जा रही है कि डॉक्टर अनिकेत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, उसके नए क्लिनिक को तुरंत सील किया जाए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

(स्रोत: स्थानीय ग्रामीणों और घटना से जुड़े सूत्रों के आधार पर)