संभल: नगर के हिंद इंटर कॉलेज मैदान में बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 95 वर्षीय अजीत महाजन रहे, जो विभाजन के प्रत्यक्षदर्शी और पूर्व सरकारी कर्मचारी हैं। इस अवसर पर भारत विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले देशभक्तों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।

कार्यक्रम में विभाजन के समय विस्थापित हुए 40 परिवारों के सदस्य शामिल हुए। इनमें परीक्षित मोंगिया, सतीश अरोड़ा, सत्यनारायण अरोड़ा और सुधीर मल्होत्रा जैसे लोगों ने अपने संस्मरण सुनाए। मुफ्ती आलम नूरी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक अजीत कुमार राजू यादव ने कहा कि धर्म का वास्तविक अर्थ आपसी सद्भाव और एकता है।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भारत-पाकिस्तान विभाजन पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक देखा।

अपने संबोधन में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि महज एक अंग्रेज अधिकारी की खींची लकीर ने भारत और पाकिस्तान को अलग कर दिया, जिससे लाखों लोग अपने घर और रिश्तेदारों तक नहीं पहुंच पाए। डीएम डॉ. पैंसिया ने इसे बीते सौ वर्षों की सबसे बड़ी हिंसात्मक त्रासदी बताया और कहा कि देश को तोड़ने वाली तथा घृणा फैलाने वाली ताकतों को मिलकर समाप्त करना होगा, जबकि देश को जोड़ने वाली शक्तियों को मजबूत किया जाना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव ने कहा कि कट्टरपंथ से हमेशा विनाश होता है, इसलिए बच्चों को बेहतर शिक्षा देना ही समाज का सबसे बड़ा कर्तव्य है। कार्यक्रम के अंत में विभाजन त्रासदी से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को शॉल और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, विभाजन से संबंधित प्रदर्शनी का भी लोगों ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम में सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, पीडी डीआरडीए ज्ञान सिंह, डीडीओ राम आशीष, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, एसडीएम विकास चंद्र, ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी, पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी, हर गोविंद छावड़ा और बल्देव राज मल्होत्रा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन सीडीपीओ रचना यादव ने किया।

