35 लाख रुपये बकाया जमा न करने पर कांग्रेस नेता की पत्नी की प्रॉपर्टी सील

मुरादाबाद: उपभोक्ता अदालत के आदेश पर जिला प्रशासन ने गुरुवार को बुद्धि विहार स्थित आराध्यम बिजनेस सेंटर को बकाया न चुकाने के आरोप में सील कर दिया। यह सेंटर कांग्रेस नेता सचिन चौधरी की पत्नी आभा चौधरी के नाम पर दर्ज है। अदालत ने बिल्डर्स कंपनी पर करीब 35.58 लाख रुपये का बकाया बताते हुए वसूली वारंट जारी किया था, लेकिन समय पर भुगतान न होने पर प्रशासन ने कार्रवाई की।

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कांग्रेस नेता सचिन चौधरी – फ़ोटो: एजेंसी

संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर राममोहन के निर्देश पर तहसील टीम मौके पर पहुंची और नोटिस चस्पा कर बिल्डिंग को सील किया। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अग्रिम आदेश तक सील तोड़ने पर यह दंडनीय अपराध माना जाएगा।

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कांग्रेस नेता सचिन चौधरी – फ़ोटो: सूत्र
अदालत का आदेश और वसूली वारंट

जानकारी के अनुसार, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिवानी बनाम आराध्यम इंफ्रा बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से मामला चल रहा था। सुनवाई के बाद अदालत ने बिल्डर्स कंपनी पर बकाया तय करते हुए 4 अप्रैल 2025 तक राशि जमा करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसी आधार पर प्रशासन ने बिजनेस सेंटर को सील कर दिया।

आभा चौधरी का आरोप – “राजनीतिक षड्यंत्र”

आराध्यम बिजनेस सेंटर की एमडी और कांग्रेस नेता की पत्नी आभा चौधरी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पूरा कॉम्प्लेक्स 2018 में ही ग्राहकों को बेच दिया गया था और सभी दुकानों की रजिस्ट्री भी कर दी गई थी। कंपनी का ऑफिस गाजियाबाद में संचालित होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उनके अनुसार, पुलिस और प्रशासन की टीम ने ग्राहकों के ऑफिस को खाली पर्चा लगाकर सील कर दिया, साथ ही सामान की सूची बनाते हुए धमकी दी कि इनकी नीलामी होगी।

सचिन चौधरी का बयान

कांग्रेस नेता सचिन चौधरी ने कहा कि उन्होंने 2016 में ही बिल्डर्स कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। बुद्धि विहार स्थित बिजनेस सेंटर में न तो उनका और न ही कांग्रेस का कोई कार्यालय है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद से ही उनके परिवार को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।