दिल्ली हाईवे पर एमडीए की कार्रवाई, भाजपा और आरएलडी नेताओं के अवैध ढाबे ध्वस्त

मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने मंगलवार को दिल्ली रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बिना नक्शा स्वीकृति के बने आठ अवैध ढाबों और दुकानों को बुलडोजर से गिरा दिया। इस कार्रवाई में भाजपा के पूर्व सांसद वीर सिंह और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के पूर्व विधायक जाहिद हुसैन अंसारी समेत कई राजनीतिक हस्तियों के निर्माण शामिल रहे।

एमडीए अधिकारियों ने बताया कि इन ढाबों के कारण दिल्ली रोड पर यातायात बाधित हो रहा था और सड़क हादसों की संख्या बढ़ रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायतों और बढ़ते खतरों को देखते हुए एमडीए ने पहले नोटिस जारी किया था। लेकिन जवाब न मिलने पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई।

टीएमयू के पास दिल्ली हाईवे पर लंबे समय से अवैध दुकानों और ढाबों के खिलाफ स्थानीय लोग आवाज़ उठा रहे थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रवर्तन टीम ने सबसे पहले भाजपा नेता वीर सिंह के “जुबली सोया चाप” नामक ढाबे को ध्वस्त किया, जो लगभग 100 वर्ग मीटर में फैला था। इसके बाद आरएलडी नेता जाहिद अंसारी और उनके पुत्र इमरान द्वारा गाटा संख्या 1179 पर बनाए गए दो कमरों और एक बरामदे सहित निर्माण को भी गिरा दिया गया।

इसी क्रम में हाजी शहीद की “विस्मिल्ला बिरयानी सेंटर”, नईम टी स्टाल, अहमद बिरयानी और साहिल टी स्टाल सहित पांच अन्य अवैध दुकानों पर भी कार्रवाई की गई। एमडीए ने भरत सिंह के टिनशेड ढाबे को भी हटाया। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी ढाबों ने नक्शा पास नहीं कराया था और शाम के समय भारी वाहनों की भीड़ से ट्रैफिक जाम होता था।

एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई और प्रवर्तन टीम ने पाकबड़ा एवं मझोला थानों की पुलिस के साथ मिलकर सभी अतिक्रमण हटवाए। एमडीए ने सभी नागरिकों से अपील की है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वैध स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति बनाए गए निर्माणों पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

भाजपा नेता वीर सिंह ने एमडीए की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यह ज़मीन पेट्रोल पंप के लिए स्वीकृत हो चुकी है और जल्द ही वहां निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

अतिक्रमण करने पर फिर होगी कार्रवाई
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण समस्त नागरिकों, भू-स्वामियों एवं संपत्ति क्रय-विक्रय करने वालों से पुनः आग्रह करता है कि वे किसी भी भूखंड, प्लॉट अथवा निर्माण कार्य का क्रय-विक्रय अथवा निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से अनिवार्य रूप से वैध स्वीकृति प्राप्त करें। अन्यथा, प्राधिकरण द्वारा ऐसे अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही करते हुए ध्वस्तीकरण अथवा सीलिंग की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से अमल में लाई जाएगी। साथ ही, संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य नगर क्षेत्र में नियोजित, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित नगरीय विकास सुनिश्चित करना है, जिसके लिए नागरिकों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है।प्राधिकरण द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्यवाहियां प्रभावी रूप से संचालित की जाती रहेंगी।– अमित कादियान, अभियंता एमडीए