जुनावई थाना क्षेत्र में मजदूर योगेश उर्फ दुर्गेश की पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बबराला थाने में तैनात सिपाही विनीत कुमार और 112 पर ड्यूटी कर रहे सिपाही लवकेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर सिपाही विनीत कुमार ने एक हजार रुपये की वसूली की थी। इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश थाना बबराला पुलिस को दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार नगला अजमेरी निवासी भुवनेश और उसका भाई योगेश उर्फ दुर्गेश, गुन्नौर क्षेत्र के ठेकेदार श्रीनिवास के बुलावे पर करीब एक दर्जन मजदूरों और मिक्सचर मशीन के साथ 18 अगस्त को बबराला पहुंचे थे। यहां बंटी नामक व्यक्ति के मकान पर लिंटर डालने का काम पूरा किया गया।
शाम को मजदूरी का भुगतान मांगने पर ठेकेदार ने पूर्व में किए गए कार्य को गलत बताते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर चालक धर्मवीर ने 112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों को सुरक्षित पहुंचाने का आश्वासन देकर उन्हें थाने ले गई। वहीं, मजदूरों का आरोप है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के नाम पर सिपाही विनीत ने उनसे एक हजार रुपये लिए।
लेकिन मजदूरों को सुरक्षित घर पहुंचाने के बजाय पुलिसकर्मी उन्हें सेंजना मुस्लिम गांव के पास छोड़कर लौट गए। इसी दौरान ठेकेदार श्रीनिवास अपने करीब दो दर्जन साथियों के साथ वहां पहुंचा और मजदूरों पर लाठी-डंडों व लोहे की सरिया से हमला कर दिया। हमले में योगेश की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जांच एसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने मृतक के भाई भुवनेश और अन्य लोगों के बयान लेकर पूरी रिपोर्ट एसपी को सौंपी। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने दोनों सिपाहियों को निलंबित करने के साथ ही विनीत कुमार पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।

