इटावा में सड़क हादसे के घायलों की मदद के लिए रुके अखिलेश यादव, VIP एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

इटावा, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार सुबह एक मानवीय उदाहरण पेश किया। राखी के दिन जब वह सैफई से इटावा जा रहे थे, तभी रास्ते में एक गंभीर सड़क हादसा देखकर उन्होंने पूरे काफिले को रोक दिया और घायल परिवार की मदद के लिए खुद आगे आए।

सुबह करीब 10 बजे इटावा-मैनपुरी रोड पर एक चौराहे के पास यह घटना हुई। एक पति-पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़े थे। जानकारी के अनुसार, दीपचंद, उनकी पत्नी सुनीता और 16 वर्षीय बेटी शिवानी अपनी मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार डस्टर गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों सड़क किनारे गिर गए और बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

अखिलेश यादव का काफिला जैसे ही वहां पहुंचा, उन्होंने तुरंत गाड़ियां रुकवाईं। करीब 50–60 गाड़ियों के लंबे काफिले में चल रही VIP एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा कर्मियों की मदद से घायलों को एंबुलेंस में डाला गया और तत्काल सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।

आंखों देखी गवाहों ने बताया कि अखिलेश यादव करीब 10 मिनट तक घटनास्थल पर रुके रहे। उन्होंने पुलिस और अपने सहयोगियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घायलों को तुरंत और बेहतर इलाज मिले। हादसे के बाद डस्टर गाड़ी का ड्राइवर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन SP प्रमुख के काफिले के सदस्यों और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और पीड़ित परिवार की सुरक्षा और इलाज का पूरा प्रबंध किया गया। हादसे के बाद अखिलेश यादव अपने कार्यक्रम के अनुसार इटावा स्थित फोर्ट फ्रेंड्स कॉलोनी पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के साथ राखी का त्योहार मनाया। इस दौरान डिंपल यादव, सांसद आदित्य यादव, धर्मेंद्र यादव, शिवपाल सिंह यादव समेत कई नेता मौजूद रहे।

स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस घटना की जमकर सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि राजनीति से ऊपर उठकर किसी नेता का इस तरह तुरंत मदद के लिए आगे आना समाज के लिए प्रेरणादायक है। अखिलेश यादव के इस कदम ने न केवल घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया, बल्कि उनकी छवि को भी मानवीय और संवेदनशील नेता के रूप में मजबूत किया।