मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हाजी तालिब अंसारी ने मौलाना मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को देश की साझा शैक्षिक धरोहर बताते हुए कहा कि इस संस्थान की सुरक्षा और संरक्षण प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के ऐसे केंद्र केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं होते, बल्कि देश के भविष्य का निर्माण करने वाले स्थान होते हैं।
हाजी तालिब अंसारी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों के छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। उनके अनुसार यह विश्वविद्यालय किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे देश के बच्चों की साझा धरोहर है। ऐसे संस्थान को नुकसान पहुंचाना देश के भविष्य को प्रभावित करने जैसा होगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण के दौरान लागू नियमों और मानकों का पालन किया गया था। उनका दावा है कि विश्वविद्यालय की अधिकांश इमारतों का निर्माण उस समय हो चुका था, जब रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) का गठन भी नहीं हुआ था। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाना चाहिए।

सपा नेता ने कहा कि यदि किसी प्रकार का विवाद है तो उसका समाधान कानून और संविधान के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन शिक्षा के इतने बड़े संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई उचित नहीं होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिक्षा संस्थानों पर भी बुलडोजर जैसी कार्रवाई होने लगेगी तो इससे देश और विदेश में गलत संदेश जाएगा। सरकार को चाहिए कि सभी विवादों का समाधान न्यायसंगत और संवैधानिक तरीके से करते हुए शिक्षा संस्थानों की गरिमा और अस्तित्व को सुरक्षित रखा जाए।
(नोट: यह समाचार समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हाजी तालिब अंसारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर प्रकाशित किया गया है।)
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