UP News: आईपीएस राजीव कृष्ण बने यूपी के नए DGP, ‘ऑपरेशन पहचान’ से पुलिस को किया हाईटेक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को नया कार्यवाहक पुलिस प्रमुख मिल गया है। 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया कार्यवाहक DGP नियुक्त किया गया है। तकनीकी नवाचारों और आधुनिक पुलिसिंग में उनकी पहलें उन्हें खास बनाती हैं।

आगरा ज़ोन के एडीजी रहते हुए राजीव कृष्ण ने ‘ऑपरेशन पहचान’ ऐप की शुरुआत की, जिसने अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग के कामकाज को हाईटेक बना दिया। यह ऐप आज भी कई ज़िलों में पुलिस की रीढ़ बना हुआ है।

‘ऑपरेशन पहचान’: अपराधियों की जानकारी अब सिर्फ एक क्लिक दूर

राजीव कृष्ण ने आगरा में तैनाती के दौरान तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दी। उन्होंने सिपाही मोहित कुमार (MCA डिग्रीधारी) की मदद से ‘ऑपरेशन पहचान’ ऐप तैयार करवाया। इस ऐप के ज़रिए:

  • अपराधियों का डिजिटल सत्यापन

  • पुलिसकर्मियों की आईडी और रिकॉर्ड

  • अपराधियों की लोकेशन, रिश्तेदारों की जानकारी

  • घर में रह रहे लोगों का डेटा

  • फोटो सहित पूरा प्रोफाइल अपलोड किया जाता है

इस ऐप के चलते पुलिस को अपराधियों की पूरी प्रोफाइल कुछ ही सेकंड में मिल जाती है। मालखानों को भी इस ऐप से जोड़कर मुकदमाती वस्तुओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया।

महिला सुरक्षा में भी बढ़ाई दक्षता

‘ऑपरेशन पहचान’ की मदद से मिशन शक्ति अभियान और एंटी रोमियो स्क्वायड की निगरानी भी डिजिटल तरीके से हुई। महिला पुलिसकर्मियों की लोकेशन ट्रैकिंग, गुमशुदा लोगों का डेटा और ऑपरेशन की पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।

साइबर क्राइम के खिलाफ मोर्चा

राजीव कृष्ण ने आगरा ज़ोन में तैनाती के दौरान साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए विशेष अभियान चलाया। उन्होंने पुलिस बल को प्रशिक्षित किया, ऑनलाइन वर्कशॉप करवाई और आम जनता को भी जागरूक किया ताकि वे डिजिटल फ्रॉड का शिकार न हों।

उपलब्धि के आंकड़े:
  • कुल दर्ज अपराधी: 2,43,305

  • सत्यापित अपराधी: 1,94,679

  • गुमशुदा/अपहृत मामले: 9,618

  • सकुशल बरामद: 3,789

आगे क्या?

अब बतौर यूपी के कार्यवाहक DGP, राजीव कृष्ण से उम्मीद की जा रही है कि वे पूरे राज्य में तकनीक-आधारित पुलिसिंग को और अधिक मज़बूती देंगे। उनके अनुभव और नवाचारों के आधार पर प्रदेश की कानून व्यवस्था में नया बदलाव देखने को मिल सकता है।